BEBAAK, BINDAAS

Tuesday, November 26, 2013

मैं क्रिकेट पे हाथ रख के क़सम खाता हूँ कि जो भी कहूँगा "SACH" कहूँगा और "SACH" के सिवा कुछ नहीं कहूँगा... कुछ ऐसा ही माहौल है, क्योंकि आज के बाद पिचें तो रहेंगी पर वो FEEL नहीं होगा, वो दलीलें नहीं होंगी पर भारतीय क्रिकेट की उम्मीदें जवाँ रहें क्योंकि "SACH" की दुआएं कुछ ऐसी ही हैं!


Reetesh Khare at 4:49 AM No comments:
‹
›
Home
View web version

About Me

Reetesh Khare
View my complete profile
Powered by Blogger.